लगा हुआ है सभी को वो वरग़लाने में..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 लगा हुआ है सभी को वो वरग़लाने में ज़रूर आग लगा देगा वो ज़माने में !! पड़े हो तुम जो हमें ख़ाक में मिलाने में लगे हैं हम भी तुम्हें अर्श पे उठाने में !! बस एक झटके में दुनिया तबाह कर डालो ये जान देते हो क्यों छोटे बम गिराने में ? अगर वो पहले से महफ़ूज़ हैं तो फिर अक्सर ये चीख़ उठती है क्यों उनके आशियाने में ? अजब उदासी का आलम है चाहे देखो जिधर ख़ुशी, ये क्या हुआ है तेरे कारख़ाने में ? ये ज़िंदगी तो है लाखों जतन का गहवारा क़ज़ा का क्या है, चली आती है बहाने में मिरा तो ख़ुद ही तड़पता है दिल सभी के लिए मज़ा मिलेगा मुझे किसका दिल दुखाने में ? हमें दहाड़ रहे हैं 'जेहद' वही अब तो दबे जो रहते थे हमसे किसी ज़माने में न फेरो उनके इरादों पे तुम 'जेहद' पानी समझते हैं जो भलाई ही डूब जाने में !! जावेेद जेेेहद (जमशेद अख़्तर) करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया