आँख जब उनसे लड़ी तो बोला मेरा दिल मुझे..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 आँख जब उनसे लड़ी तो बोला मेरा दिल मुझे शक्ल बचने की नज़र आती है अब मुश्किल मुझे हाए ये ताख़ीर क्यों है, किस लिए है ये झिझक अच्छे तीर अंदाज़ हो, पल में करो घायल मुझे देख कर मुझको तिरा ये मुस्कुराना है ग़ज़ब खींचने लगता है तेरी ओर फिर ये दिल मुझे आबरू रह जाए मौला बारगाह-ए-इश्क़ में आज चाहत ले चली है रूबरू क़ातिल मुझे अब ख़ुदा जाने वहाँ भी चैन आए या नहीं ले चला है सू-ए-सहरा इज़्तिराब-ए-दिल मुझे जी में आता है कि सारी दुनिया को ही छोड़ दें मुस्कुरा कहता है जब वो चल 'जेहद' ले चल मुझे #जावेेद_जेेेहद Mob_ 9772365964