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Showing posts with the label जावेद जहद..करन सराय

अब गो कोरोना, तू गो कोरोना..

         ताज़ा ग़ज़ल 💐 अब गो कोरोना, तू गो कोरोना मौत की नींद  जा सो  कोरोना मर-बिला जा तू ऐसे सब बोलें अब किसी और भी नो कोरोना अबके आके तो मार डाला हमें अब कभी ऐसा  न हो कोरोना ता-क़यामत तिरा पता न चले जा तू ऐसे  कहीं खो कोरोना सारे जग को  हिला दिया तूने कितनी घातक बला हो कोरोना इस मुसीबत में तू हमारे बीच बीज नफ़रत के न बो कोरोना इक ख़ुदाई क़हर या अपनी ख़ता कुछ तो बोलो रे क्या हो कोरोना हम तिरा नाम तक मिटा देंगे हमसे पंगा  लिया जो कोरोना रैलियाँ  ख़ूब की  'जहद' तूने अब तू ले इस क़दर ढो कोरोना       ~जावेद जहद

रह-रह के मय छलकती रही कोई रात भर..

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       ताज़ा ग़ज़ल रह-रह के मय छलकती रही कोई रात भर पी-पी के शय बहकती रही कोई रात भर ! देती रही हवा किसी जज़्बात को फ़िज़ा इक आग सी भड़कती रही कोई रात भर मज़बूत थी गिरफ़्त मगर जाने क्या हुआ होंठों से लय सरकती रही कोई रात भर इतनी सियाह रात थी उस काली रात की ख़ुद में नज़र भटकती रही कोई रात भर शबनम की बूंद गिरती रही उसके जिस्म पर खिलके कली महकती रही कोई रात भर !! न जाने कैसा था नशा उस रात में 'जहद' गिरके पलक संभलती रही कोई रात भर             जावेेद जहद 

वफ़ा बे-रंग होती जा रही है..

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     ताज़ा ग़ज़ल वफ़ा बे-रंग होती जा रही है ये दुनिया संग होती जारही है इधर फिर दोस्ती बढ़ने लगी है उधर से तंग होती जा रही है ! कहीं पे अम्न लाया जारहा है कहीं पे जंग होती जा रही है ठहाका मारती फिरती है नफ़रत मोहब्बत भंग होती जा रही है !! दिलों से मिटती जाती है मुसर्रत उदासी संग होती जा रही है !! बशर की देख कर हैवानियत अब ख़ुदाई दंग होती जा रही है !! ये दुनिया पहले भी थी बेहया सी या अब ये नंग होती जा रही है ? ये बाबाओं की अब तो असलियत पर ये दुनिया दंग होती जा रही है !! उन्हें फिर देख कर मेरी 'जहद' जी नज़र गुल-रंग होती जा रही है !!