मोहब्बत भरे दिल की चाहत करो..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 मोहब्बत भरे दिल की चाहत करो मोहब्बत मिले तो मोहब्बत करो ! चराग़-ए-मोहब्बत है बुझने लगा सभी मिलके इसकी हिफ़ाज़त करो बिखर जाएगा एकता का जहाँ कि झगड़े की तुम न हिमाक़त करो बहुत दाग़ से भर ली पेशानियाँ कि अब तो सही से हुकूमत करो ख़ुदा जो भी नेमत नवाज़े तुम्हें वो औरों को भी तुम इनायत करो हाँ इससे बड़ी कोई नेकी नहीं मुसीबत के मारों की ख़िदमत करो ज़माना है सारा बिखरने लगा कि अब बंद भी क़त्ल-ओ-ग़ारत करो लो ये क्या कि कोई निहारे भी ना खुलेआम और तुम क़यामत करो लो ये क्या तुम्हें कोई टोके भी ना खुलेआम और तुम क़यामत करो कहीं कोई इसको बनाए भी ना कहीं तुम पटाख़े तिजारत करो बहुत प्यारी तहज़ीब अपनी है ये 'जहद' तुम इसे न मलामत करो #जावेद_जहद