अच्छे नहीं हैं आपके मुझपे करम अभी..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 अच्छे नहीं हैं आपके मुझपे करम अभी दिल मेंं भरे हुए हैं जी ज़ुल्म-ओ-सितम अभी तुमने दिखाई हैंं जो अदाएं सनम अभी लाखों निसार होंगे ख़ुदा की क़सम अभी समझेगा किस तरह वो कि होता है प्यार क्या रक्खा है राह-ए-इश्क़ में उसने क़दम अभी !! लगता है कितना अच्छा ये कहना भी यार का छेड़ा जो तूने हम भी करेंगे सितम अभी !! मुझको जगा-जगा के वो कहते हैं बार-बार क्या होगा और में जी, जो मुझमें है दम अभी लगता है प्यार करने के अब आए मेरे दिन लेकिन वो जाने है कहाँ मेरा सनम अभी !! आते ही तुम तो लौट गए अपने देश में इतनी भी जल्दी क्या थी ये मेरे सनम अभी महफ़िल से हो सके तो 'जेहद' दूर ही रहो होता नहीं है सब पे वहाँ तो करम अभी !! जावेेद जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया