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दिल हो न जाए तेरा बेक़रार देखना..

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   #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 दिल हो न जाए तेरा बेक़रार देखना हम मिल रहे हैं आज बार बार देखना लुट जाते कितने लोग हैं हुसूल-ए-इश्क़ में पड़ता है दामनों को तार तार देखना !! मौसम बदलता रहता है जहाँ में रोज़ ही हर वक़्त मिलता है किसे बहार देखना ? कितनी हसीन यादें मेरी खो गईंं कहीं क्या-क्या बने है अब जी यादगार देखना बर्बाद कर रहे हैं इस की ख़ूबसूरती इस मुल्क से है कितना किसको प्यार देखना अब क्या है कहना सुनना सारा राज़ खुल गया अब देखना है जो भी ख़ुद ही यार देखना !! मंज़िल कोई भी मिलती है यूँ ही नहीं 'जेहद' पड़ता है राह में बहुत ग़ुबार देखना !!            #जावेेद_जेेेहद (जमशेद अख़्तर)

इक बुत को मैंने प्यार किया, हाए क्या किया..

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        #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 इक बुत को मैंने प्यार किया, हाए क्या किया इस दिल को सोगवार किया, हाए क्या किया कुछ पथ को यूँही पार किया, हाए क्या किया कुछ वक़्त नष्ट यार किया, हाए क्या किया !! थीं मुश्किलें हज़ारों तिरी राह में सनम फिर भी तुम्हीं को प्यार किया, हाए क्या किया निकला न दम मिरा कभी ना आए तुम इधर मर-मर के इंतज़ार किया, हाए क्या किया !! किस से क़रार मांगें सिवा तेरे ऐ जुनूँ तूने ही बेक़रार किया, हाए क्या किया लाज़िम था ज़ब्त नाला-ए-दिल बज़्म-ए-ग़ैर में कब जाने आशकार किया, हाए क्या किया !! दिल से मिला के दिल इसे देकर हज़ारों ग़म दिल मेरा दाग़दार किया, हाए क्या किया !! आके कभी भी सामने लगने न दी हवा छुप-छुप के दिल शिकार किया, हाए क्या किया कितनी मुसीबतों को 'जेहद' ख़ुद से मोल के ख़ुद ही गले का हार किया, हाए क्या किया !            #जावेेद_जहद करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया

150 Ghazals 💐

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दोस्तो ! अपने इस साइट की ये एक सौ पचासवीं ग़ज़ल.. अब तक इसे हज़ारों लोगों ने देखा, स्नेह दिया.. आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया ..आभार 💐💐 चाहता था, वो मगर आता न था साथ मेरे  हमसफ़र आता न था ख़्वाब में आता था इक साया मगर सामने कोई नज़र आता न था !! घूमता था उसकी दुनिया में ये दिल रात भर अपने ये घर आता न था ! ढूंढती रहती थींं आँखें बस उसे और वो पहरो नज़र आता न था उनसे मिलने की जगह ऐसी थी वो इक परिंदा भी जिधर आता न था आपसे मिलने से पहले तो मुझे दिल लगाने का हुनर आता न था उनकी चाहत का नशा ऐसा चढ़ा एक लम्हा भी उतर आता न था ! क्या मुसीबत की घड़ी थी वो 'जेहद' बरसों मैं जिससे उबर आता न था !            जावेेद जेेेहद (जमशेद अख़्तर) करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया