मोहब्बत में ऐसा दिवाना हुआ दिल..
ताज़ा ग़ज़ल 💐 मोहब्बत में ऐसा दिवाना हुआ दिल कि मुझसे ही मेरा बेगाना हुआ दिल ये देखे है सपना सुहाना - सुहाना चलो अब मिरा भी सुहाना हुआ दिल मोहब्बत भरा गीत है गाता फिरता बहुत आजकल आशिक़ाना हुआ दिल मोहब्बत में करने लगा शायरी भी छबीला बड़ा शायराना हुआ दिल बड़ी क़ातलाना निगाहें हैं उसकी है जिसकी नज़र का निशाना हुआ दिल जुदाई, तड़प, रतजगे, बेक़रारी इन्हीं का तो अब ये ठिकाना हुआ दिल गया था मुझे छोड़ के पास उनके तो फिर क्यों तिरा लौट आना हुआ दिल ख़यालों में उनके तू बेसुध पड़ा है तू है ख़ैर से या रवाना हुआ दिल कब आती थी इसको मोहब्बत समझ में लगी चोट तब ये सियाना हुआ दिल ।। बहुत रोज़ से ये जमा करते - करते 'जेहद' प्यार का ये ख़ज़ाना हुआ दिल ~जावेद जहद