उनकी नज़र का जाम पिए जा रहा हूँ मैं..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 उनकी नज़र का जाम पिए जा रहा हूँ मैं कितना बड़ा ये काम किए जा रहा हूँ मैं छलकी हुई शराब को कैसे मैं छोड़ दूँ पीने की चीज़ है तो पिए जा रहा हूँ मैं सबकुछ लुटा के इश्क़ की लज़्ज़त उठाइये जैसे कि मुस्कुरा के लिए जा रहा हूँ मैं !! इतना है उनसे इश्क़ कि दामन को वो मिरे बस चाक कर रहे हैं सिए जा रहा हूँ मैं !! दिल में भरा है मेरे तो बस एक ही का इश्क़ सजदा भी एक ही को किए जा रहा हूँ मैं !! दुनिया मुझे चलाएगी क्या अपनी राह पर दुनिया को अपनी राह लिए जा रहा हूँ मैं कुछ साफ़ जब नहीं हैं सवालात उनके तो क्यों उनका फिर जवाब दिए जा रहा हूँ मैं दुनिया से क़िस्से लेके उन्हें शेर में सजा दुनिया को फिर से सौंप दिए जा रहा हूँ मैं अपनी तो शायरी से 'जेहद' मुतमइन हैं सब हैरां भी हर किसी को किए जा रहा हूँ मैं !! #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया