मेरी वफ़ा को देख के उसपर भी वो जफ़ा करे..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 मेरी वफ़ा को देख के उसपर भी वो जफ़ा करे ऐसे का कोई क्या करे, दानिस्ता जो दग़ा करे उनके हिनाई हाथ से जिसको न गुल मिला करे ख़ामोश रह के वो सदा ख़ून-ए-जिगर पिया करे दो-चार दिन की बात हो तो करले कोई इंतज़ार मिलने के ऐतबार पर कबतक कोई जिया करे ढूंढा उसे है आँख ने, दिल ने उसे जगह दिया दोनों क़ुसूरवार हैं, दोनों की वो सज़ा करे !! चाहे सितम करे कोई, चाहे करम करे कोई लाज़िम है एक ही करे, जो भी करे सदा करे मरता हूँ तेरी चाह में, सुनके वो बोला नाज़ से मेरी बला को क्या ग़रज़, चाहे कोई मरा करे दुनिया का हर निज़ाम ही काफ़ी बिगड़ चुका 'जेहद' बर्बाद अब ये और हो, ऐसा न हो ख़ुदा करे !! मेरी ग़ज़ल को देख के शायद ये सोचते हों कुछ कब हो खिंचाई इसकी भी, बंदा ये कब ख़ता करे क़ातिल के रूबरू चला ये आरज़ू लिए 'जेहद' लौटे वो क़त्लगाह से, ऐसा न हो ख़ुदा करे !! #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया