पल में हँसता-रोता हूँ..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 पल में हँसता-रोता हूँ मैं भी जैसे बच्चा हूँ सुर-तालों पे खिलता हूँ मैं भी तो इक नग़मा हूँ मेरा लिखा या मुझको पढ़ मैं भी तो इक क़िस्सा हूँ उर्दू-हिंदी अपनी है मैं दोनों का अपना हूँ नींद उड़ी है बरसों से मैं जागा सा रहता हूँ प्यार की वादी से होके फिर घूम आया सहरा हूँ सुख-दुख और मोहब्बत का मिला-जुला इक नग़मा हूँ मुझको कौन डराएगा मैं तो रब से डरता हूँ सस्ती ख़ुशी है मेरी 'जेहद' ग़म का लेकिन मँहगा हूँ #जावेेद_जेेेहद (जमशेद अख़्तर) करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया