बोल तेरी जफ़ाकशी को कैसे दिल में छुपाया जाए..
ताज़ा ग़ज़ल 💐 बोल तेरी जफ़ाकशी को कैसे दिल में छुपाया जाए दर्द भरे इस गीत को गाया जाए या भुलाया जाए ? बर्बाद मोहब्बत का मिलके आओ जश्न मनाया जाए बूंद-बूंद आँखों से आंसू टपका के मुस्काया जाए !! तुम भी छोड़ो घर अपना और मैं भी छोड़ूँ अपना दर दुनिया से फिर दूर कहीं इक अपना घर बसाया जाए तुम रूप धार लो जोगन का, मैं भेष बदल लूँ जोगी का पर्वत-पर्वत, जंगल-जंगल मस्ती में लहराया जाए !! तू भी मीत विवादों का और मैं भी यार फ़सादों का आ अपनी-अपनी हस्ती पे अब ख़ुद इलज़ाम लगाया जाए लड़ते-लड़ते इंसानों ने कैसा जहाँ को कर डाला अब तो 'जहद' इस जग को और जहन्नम न बनाया जाए ~ जावेद जहद