न आँधी न आफ़तों ने...
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 न आँधी न आफ़तों ने सब लूटा है सियासतों ने कुछ अक़लों ने जंग छेड़ी कुछ छेड़ी हिमाक़तों ने फिर दंगों ने सर उठाया फिर रोका शराफ़तों ने हाँ जिसको ख़ुशी मिली है तो दी है मोहब्बतों ने कुछ रंग-ए-अजब भरा है उलफ़त में ख़यानतों ने ये दुनिया थी एक लेकिन इसे बांटा है नफ़रतों ने क्या जानो किसे है पूजा इस दिल की इबादतों ने कोई शायर बड़ा नहीं था बढ़ाया है रियाज़तों ने ये फ़न है 'जेहद' पुराना ये माना है जिद्दतों ने !! #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार