कभी गोली से भुनवाया गया हूँ..
ताज़ा ग़ज़ल 💐 कभी गोली से भुनवाया गया हूँ कभी बम से भी उड़वाया गया हूँ कभी इज़्ज़त मिली है हद से ज़्यादा कभी नज़रों से गिरवाया गया हूँ !! कभी फेंका गया हूँ क़ब्र से भी कभी ज़िंदा भी दफ़नाया गया हूँ ग़रीबी, भुखमरी, नफ़रत, घुटन का ज़हर दे-दे के मरवाया गया हूँ !! उठा कर ख़ाक से उस आसमां तक मैं फिर मिट्टी में मिलवाया गया हूँ !! बहुत पढ़-लिख के भी सारे जहाँ में मैं जाहिल ही तो कहलाया गया हूँ मुझे हिम्मत सदा दे-दे के यारो मैं शायर भी तो बनवाया गया हूँ बसाया है मुझे जिसने भी दिल में मैं उसमें ही 'जेहद' पाया गया हूँ हमेशा इक नया क़ानून ला के नई उलझन में उलझाया गया हूँ लगा है कुछ सही इलज़ाम और कुछ ग़लत केसों में फँसवाया गया हूँ !! पलट आया वो फिर से तो कहेगा "बड़ी मुश्किल से मनवाया गया हूँ" यहाँ पैदा किया मुझको ख़ुदा ने "मैं ख़ुद आया नहीं लाया गया हूँ" सुनी जाती नहीं आवाज़ जल्दी यूँ ताक़तवर तो कहलाया गया हूँ कभी बदला ख़ुशी से धर्म अपना कभी जबरन बदलवाया गया हूँ बुराई चाँद पर आबाद करने वहाँ भी अब तो भिजवाया गया हूँ अगर मैं 'मीर' होता तो ये कहता मैं सारे जग में ही पाया गया हूँ गई...