सारी दुनिया का ग़म लिया शायर..

   ताज़ा ग़ज़ल 💐

सारी दुनिया का ग़म लिया शायर
और तूने भी क्या किया शायर ?

कोई जीता रहा हक़ीक़त को
कोई ख़्यालों में बस जिया शायर

किस शहर में हुए बहुत पैदा
किसने कितना बड़ा दिया शायर ?

जाने किस किस पे और कितनों के संग
शायरी की, सुख़न किया शायर !!

फाड़ डाला किसी को शेरों से
और किसी को कभी सिया शायर

कितना तू इस्तेमाल करता है
दिल-जिगर, जिस्म-ओ-जाँ, जिया शायर

आज हिलने लगा है वो ख़ुद ही
जिसने था जग हिला दिया शायर

और कोई किया कि बस तूने 
शायरी का नशा किया शायर ?

धूल क्यों फांकती रहीं तेरी
क्या किताबों में भर दिया शायर ?

बन गया था सदाएं जो सब की
ख़ुद वो आवाज़ खो दिया शायर

कोई जागा न जब जगाने से
ख़ुद भी ख़ामोश हो लिया शायर

है वही तो 'जहद' बड़ा नामी
पार सरहद को जो किया शायर
         जावेेद जहद (जमशेद अख़्तर)
करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया

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