आप समझें जिसे भली हरकत..
ताज़ा ग़ज़ल 💐 आप समझें जिसे भली हरकत कुछ समझते उसे बुरी हरकत करलो करनी है जितनी भी हरकत कहीं मँहगी जो ये पड़ी हरकत !! सबके सब होती हैं अजीब-ओ-ग़रीब जो भी करते हैं आप जी हरकत !! आपने चाहे जिस इरादे से की पर सियासी ही ये लगी हरकत आपने किसके साथ हरकत की और किसको ये चुभ गई हरकत हम तो छोटे हैं, छोटी करते हैं तुम बड़े हो, करो बड़ी हरकत ये अजब हरकतें यहीं पे हुईं या कहीं और भी हुई हरकत हम भी पागल हैं इस मुसीबत में कैसी करनी थी, कैसी की हरकत ये ज़रा भी भली नहीं लगती जंग के दौर में मरी हरकत ! आप करते हैं किस लिए आख़िर ये अजब मस्ख़री भरी हरकत !! अच्छी लगती है कितनी तेरी 'जेहद' तुम जो करते हो मनचली हरकत !! ~जावेद जहद