मोहब्बत पे आए कभी भी न आफ़त..
ताज़ा ग़ज़ल 💐 मोहब्बत पे आए कभी भी न आफ़त रहे हर तरफ़ ही मोहब्बत सलामत !! दुआ है ख़ुदा की क़यामत से पहले न आए जहाँ में कोई भी क़यामत ! कोई भी हुकूमत जहाँ में बना के वो करता नहीं क्यों सही से हुकूमत सभी लूटते हैं जिसे मिलता मौक़ा ये कैसी है सेवा, ये कैसी है ख़िदमत सभी को सियासत का हिस्सा बना के ये भरते हो क्यों दिल में सबके सियासत ये दुनिया है क्यों उसका गुणगान करती जिसे भेजना चाहिए ख़ूब लानत !! समझते हो जिसको मिरी शायरी तुम हक़ीक़त में है ये अदब की अमानत ! लुटाओ 'जेहद' ख़ूब ग़ज़लें बना के लुटाने से इसमें तो होती है बरकत ~जावेद जेहद