शराब-ए-इश्क़ से मयकश अगर मख़मूर हो जाए..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐 शराब-ए-इश्क़ से मयकश अगर मख़मूर हो जाए तो फिर मयख़ाने से उसकी तबीयत दूर हो जाए पिला ऐसी मुझे साक़ी वो जल्वा देख लूँ मैं भी नज़र जिस पर डालूँ वो सरापा हूर हो जाए !! चला हूँ गुल मोहब्बत का लिए मैं बज़्म-ए-जानाँ में ख़ुदावंदा, ये नज़राना उन्हें मंज़ूर हो जाए !! कि जीने का मज़ा सारा तो है जी हाथ में उसके वो चाहे तो हमारा दुख ही सारा दूर हो जाए !! अगर हम भाई-भाई हैं तो फिर ये दुश्मनी कैसी सुनो ऐ दोस्तो, अब ये हिमाक़त दूर हो जाए !! यही कमबख़्त हर आफ़त का बाइस दिल दिवाना है पटख़ दूँ जी में आता है कि चकनाचूर हो जाए !! 'जेहद' करते हो क्यों इतनी ख़ुशामद उस परी-रू की कहीं ऐसा न हो वो और भी मग़रूर हो जाए !! #जावेेद_जेेेहद Mob_ 9772365964