ग़मों की मुझपे है बरसात, आओ न मेरे पास..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
ग़मों की मुझपे है बरसात, आओ न मेरे पास
भीग जाओगे मेरे साथ, आओ न मेरे पास !!
टूटे दिल के सिवा कुछ भी तुम न पाओगे मुझमें
लौट जाओगे ख़ाली हाथ, आओ न मेरे पास !!
सुब्हें तड़पाती हैं मुझको, शामें सताती हैं
डसती है नागिन बनके रात, आओ न मेरे पास
मीठी बातों से मुझको अब न बहलाओ तुम
तीखी लगती हैं अब ये बात, आओ न मेरे पास
माना तुम लगती हो मेरी दिलरुबा के ही जैसी
तुम में लेकिन नहीं वो बात, आओ न मेरे पास
फ़रेब देते हुए अक्सर देखा है मैंने तुम को
अब गवारा नहीं तिरा साथ, आओ न मेरे पास
ये वफ़ा, प्यार, मोहब्बत के भी तो हद से ज़्यादा
अच्छे होते नहीं जज़्बात, आओ न मेरे पास !!
अब तो इस दौर में 'जेहद' वफ़ा की दुनिया के भी
बिगड़े रहते हैं हालात, आओ न मेरे पास !!
Mob_ 9772365964
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