इक शम्मा और परवाने दो..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
इक शम्मा और परवाने दो !
तब तो एक को जल जाने दो
बहुतों को मारा है उसने
अब उसको भी मर जाने दो
सरहद को पंछी क्या जानें
बिन रोके आने-जाने दो !!
बहुत दिनों की प्यास है साक़ी
पैमाने पर पैमाने दो !!
सर बहुत चढ़ाया है उनको
अब दुश्मन को इतराने दो
तुम बाद में दूरी कर लेना
ज़रा पहले पास तो आने दो
जो जिनकी यारी चाहे हैं
उन्हें उनके ही याराने दो
जो बर्बादी के सामाँ हैं
अब नष्ट उन्हें हो जाने दो
लग जाएंगे होश ठिकाने
ज़रा पहले होश तो आने दो
हम सबका स्वागत करते हैं
जो आता है उसे आने दो !!
दिल जिसको चाहे ख़ूब 'जेहद'
उसपे ही इसे लुट जाने दो !!
Mob_ 9772365964
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