शाम-सवेरे आकर्षण..

  #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

शाम-सवेरे आकर्षण
रूप का तेरे आकर्षण

चाहे जहाँ भी मैं जाऊँ
तेरा ही घेरे आकर्षण !

तेरी हल्की अदा में भी
कितने घनेरे आकर्षण

सारे ही जग के तुझमें तो
आन बसे रे आकर्षण !!

भाते हैं सबको ही तेरे
सांप-सपेरे आकर्षण !

दिन में कुछ और रातों को
रैन बसेरे आकर्षण !!

कैसे न बहके 'जेहद' ये, जब
तेरा ले फेरे आकर्षण !!
           #जावेेद_जेेेहद
Mob_ 9772365964

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