उसके दिल में नाचे है बस हिंदू-मुस्लिम..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
उसके दिल में नाचे है बस हिंदू-मुस्लिम
वो सीखे सिखलाये है बस हिन्दू-मुस्लिम
उसकी फिर बकवास सुने है क्यों ये दुनिया
हर पल जब वो अलापे है बस हिंदू-मुस्लिम
टुकड़े-टुकड़े देश को करके छोड़ेगा वो
क़दम-क़दम पे बांटे है बस हिंदू-मुस्लिम
लगता है दुनिया में और कोई धरम नहीं है
हर सू क़यामत ढाए है बस हिंदू-मुस्लिम !!
सारे मुद्दों को छोड़ के अब तो सियासत में
इक मुद्दा ही छाए है बस हिंदू-मुस्लिम !!
सारे धर्मों को जैसे कर के नज़र अंदाज़
आपस में टकराए है बस हिंदू-मुस्लिम !
ज़ह्न में मेरे कभी-कभी ये आता है 'जेहद'
कितने ज़ेहन में दौड़े है बस हिंदू-मुस्लिम
करन सराय, सासाराम, बिहार
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