कुछ ऐसा करो जनाब..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
कुछ ऐसा करो जनाब
गुलशन हो शादाब !!
किसी में आग नहीं
कोई है बे-आब !!
नैनों से पी लो
गर न मिले शराब
हर पल रहता है
शायर दिल बेताब
इक जाए तो दूजा
फिर ले आए अज़ाब
दहशत की दुनिया
कब जाने हो ग़रक़ाब
मस्ती में कोहराम
उलझन में आदाब
तू मेरी मैना
मैं तेरा सुर्ख़ाब
कब आएगा अपने
क़दमों में महताब
कुछ ऐसा लिखो 'जेहद'
हो जाए जो नायाब !!
करन सराय, सासाराम, बिहार
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