तू बेवफ़ा न हो जाए..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
तू बेवफ़ा न हो जाए
मुझसे जुदा न हो जाए
चाहत सनम ये अपनी भी
बे-रास्ता न हो जाए !!
ये चाँदनी जो फैली है
काली घटा न हो जाए
इतना पिला न आँखों से
मुझको नशा न हो जाए
शहरे-वफ़ा को बचाओ तुम
शहरे-जफ़ा न हो जाए !!
इसमें न घोलिए ज़हर
क़ातिल फ़ज़ा न हो जाए
आजा कि तेरे आने में
जीवन फ़ना न हो जाए
इतना तुझे जो पूजूँगा
तू भी ख़ुदा न हो जाए
शोहरत मिली है जिसको भी
सनकी हवा न हो जाए !!
मुझको 'जेहद' सताओ ना
चाहत हवा न हो जाए !!
करन सराय, सासाराम, बिहार
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