चमन, झील, सागर, भँवर देख लेना..

   #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

चमन, झील, सागर, भँवर देख लेना
मोहब्बत है क्या चीज़ कर देख लेना

बुरा क्या है उनका इधर देख लेना
हाँ अच्छा नहीं है उधर देख लेना !

कभी हमने देखा था हसरत से तुमको
मगर अब ज़रा तुम इधर देख लेना !!

मोहब्बत में पहला क़दम तुमने देखा
मिरा आख़िरी भी सफ़र देख लेना !!

मिरी रूह रहती है इक जैसे बेकल
मिरी जान इक बेख़बर देख लेना !

मिरी हर ग़ज़ल पे हैं सब दाद देते
मिरी हर ग़ज़ल बा-असर देख लेना

समझ आगया है ये फ़न अब तो इतना
सिखाएंगे अब ये हुनर देख लेना !!

हमें तो यक़ीं है 'जेहद' मेहनतों पर
ख़ुशी इससे पाएंगे हर देख लेना !!
          #जावेेद_जहद (जमशेद अख़्तर)
Mob_ 9772365964

Comments

Popular posts from this blog

जब बुरे दिन उमड़ने लगते हैं..

न पूछो ग़ज़ल से मुझे क्या मिला है..

जावेद जहद की पाँच ग़ज़लें..