अब न होगा किसी से प्यार मुझे..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
अब न होगा किसी से प्यार मुझे
डस गया ऐसा एक यार मुझे !!
अब न महफ़िल में तू पुकार मुझे
अब है तन्हाइयों से प्यार मुझे !!
मेरा दिन भी है रात तेरे बिना
इस अँधेरे से तू उबार मुझे !!
मैं अगर न करूँ तुम्हारी क़दर
करदे फिर तू भी दरकिनार मुझे
मैं तिरे दिल-जिगर पे छा ही चुका
अब ज़रा रूह में उतार मुझे !!
फ़िक्र दुनिया की भर गई मुझमें
अब कहाँ है कोई क़रार मुझे !!
छा गया अब तो मैं भी अम्बर पे
इस बुलंदी से तू उतार मुझे !!
मैं निकल आया तुझसे दूर बहुत
अब 'जेहद' बैठ के पुकार मुझे !
करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया
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