इतने बरस से कैसे हो तुम..

  #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

इतने बरस से कैसे हो तुम ?
अब भी भूखे-नंगे हो तुम !

पहले किसी ने बेचा तुमको
अब तो ख़ुद ही बिकते हो तुम

तुम में अगर ईमान नहीं तो
समझो ऐसे-वैसे हो तुम !!

तुम न कोई पीर, पयम्बर
और न इंसाँ जैसे हो तुम

इक रोज़ वसूले जाओगे
समझो किसी के पैसे हो तुम

हैवाँ जैसे बनते क्यूँ हो ?
जब कि इंसाँ जैसे हो तुम

तुम्हें कितना जगाया जाता है
पर कभी न जागे समय से हो तुम

वो जैसे चाहें तुमको नचाएं
उनके आगे तो बच्चे हो तुम

कितना अच्छा लिखते थे पहले
अब उलटे-सीधे लिखते हो तुम

करते हो शरारत फिर भी 'जेहद'
बड़े ही प्यारे लगते हो तुम !!
           #जावेेद_जेेेहद
Mob_ 9772365964

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