दिल को लगे हैं छलने लोग..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
दिल को लगे हैं छलने लोग
पराए जैसे अपने लोग !!
उसने तरक़्क़ी ख़ुद पाई
और लगे सब जलने लोग
सुनके उसकी तक़रीरें
लगते हैं ख़ूब बहकने लोग
चोर, लुटेरे, हत्यारे
अब तो लगे हैं बनने लोग
इन ऊँचे क़द वालों में
कैसे-कैसे बौने लोग
हरगिज़ ज़ेब नहीं देते
अच्छे पद पे गंदे लोग
मीठी बातें करते-करते
लगते हैं आग उगलने लोग
अक्सर तब आता है तरस
लगते हैं जब मरने लोग !!
आए थे यहाँ क्या करने
और लगे क्या करने लोग
'जेहद' किसी का कोई नहीं
और किसी के कितने लोग
Mob_ 9772365964
Comments