ना उनसे मोहब्बत का इज़हार किया होता..

       #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

ना उनसे मोहब्बत का इज़हार किया होता
ना उसने मिरा जीना  दुश्वार  किया  होता

होता जो अगर उनको कुछ पास मोहब्बत का
इस तर्ह मोहब्बत को ना ख़्वार  किया होता !!

मालूम अगर होता  बदलें गी निगाहें तो
इन शोख़ निगाहों को ना प्यार किया होता

वो दिल में मिरे रहते  बुलबुल मिरी बनके तो
इस ख़ाना-ए-दिल को भी गुलज़ार किया होता

इक बार भी मिलने की मरज़ी जो तिरी होती
इस जान के सदक़े मैं सौ बार किया होता !!

इक यार की जब इतनी सर दर्द कहानी है
क्या होता अगर मैंने  दो-चार किया होता 

कुछ अच्छा नहीं होता  लगता है मुझे क्यों ये
इस दिल को 'जेहद' गर ना बीमार किया होता
          #जावेेद_जेेेहद
करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

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