कर दिया बर्बाद जितना ज़ोर टकराने में हम..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
कर दिया बर्बाद जितना ज़ोर टकराने में हम
काश उतना दम लगा देते भी मिल जाने में हम
किस लिए महफ़िल में ढूंढें और वीराने में हम
यार को पाते हैं हरदम दिल के काशाने में हम
रात-दिन ऐ शम्मा-रू रहती है तेरी जुस्तुजू
हो गए इस इश्क़ में तब्दील परवाने में हम
कर लिया करना था जितना प्यार अब आओ सनम
दिल दुखाने में रहो तुम और ग़म खाने में हम !!
भूल ना जाएं कहीं हम अपनी सारी ही समझ
रात-दिन रहते हैं यारो उनके समझाने में हम !
देख कर झगड़ा-लड़ाई ज़िंदा लोगों की 'जेहद'
जी में आता है छुपा लें ख़ुद को बुतख़ाने में हम
करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया
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