सच अगर सारा ख़्वाब हो जाए..

    #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

सच अगर सारा ख़्वाब हो जाए
ज़िंदगी लाजवाब हो जाए !!

मुश्किलों में अगर हो आसानी
काम फिर क्यों ख़राब हो जाए

शोला-शोला है इस क़दर ही वो
शोला छूले तो आब हो जाए !!

दिल बहुत रोज़ से नहीं बहका
चलो थोड़ी शराब हो जाए !!

मय जो हो जाए सारी पानी तो
और अगर जल शराब हो जाए

आप जिस ख़्वाब में चले आएं
कितना अच्छा वो ख़्वाब हो जाए

इस क़दर याद अब न आओ तुम
दिल को ना इज़्तिराब हो जाए !

जब ये सारा जहान सोया है
कैसे फिर इंक़लाब हो जाए

नेक हो जाए ये जहाँ सारा
या तो फिर सब ख़राब हो जाए

अब सभी को वो चाहिए जिससे
जवाँ फिर से शबाब हो जाए !!

क्या यही अस्र-ए-नव की है मंशा
जीना-मरना अज़ाब हो जाए !!

कुछ है मेरी भी शायरी उम्दा
कुछ मिरा भी निसाब हो जाए

काम ऐसा करो 'जेहद' कोई
आप अपना जवाब हो जाए
              जावेेद जेेेहद
करन सराय, सासाराम, बिहार

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