जिसे तुम दर्द समझे, हम उसे दिल की दवा समझे..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
जिसे तुम दर्द समझे, हम उसे दिल की दवा समझे
ग़लत कहता हूँ तो मुझसे अभी मेरा ख़ुदा समझे
न समझा दिल ने मेरे इश्क़ का अंजाम क्या होगा
कोई समझाए तो कहता है ये मेरी बला समझे !!
वो कर के बेवफ़ाई कहते हैं जब बा-वफ़ा हैं हम
ज़रा बतलाए कोई ख़ुद को फिर क्या बा-वफ़ा समझे
बहुत दिन बाद उनकी याद आई है हमें फिर भी
न जाएंगे, वहाँ जाकर ख़ुदा जाने वो क्या समझे
वो मेरा कौन है, किस नाम से उसको पुकारूं मैं
समझ कर भी न जो भी मेरे दिल का मुद्दआ समझे
तुम्हारी नफ़रतों से ये परेशां हो गई इतनी
कि तेरे प्यार को भी अब तो दुनिया इक दग़ा समझे
अमीरी में भी जिसको चैन न आए 'जेहद' तो फिर
वो धन पे ख़ाक डाले और फिर ख़ुद को रिहा समझे
करन सराए, सासाराम, बिहार
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