मोहब्बत की दुनिया बसाई गई है..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
मोहब्बत की दुनिया बसाई गई है
मगर आग उसमें लगाई गई है !!
सियासत कभी भी न सुधरेगी यारो
सियासत ही ऐसी बनाई गई है !!
सभी रो रहे हैं न जाने ये कैसी
मुसर्रत की दुनिया बसाई गई है
सुलाया गया है कहीं हसरतों को
कहीं सोई क़िस्मत जगाई गई है
न इतराओ इतना किसी बात पर भी
हर इक शय ही फ़ानी बताई गई है !
उसे देखने से मुझे क्या मिलेगा ?
जिसे देखने को ख़ुदाई गई है !!
मुझे भी पिला दे ज़रा सी वो साक़ी
जो कल प्यार से मय बनाई गई है
कि उनके नशे का तो आलम न पूछो
निगाहों से जिनको पिलाई गई है !!
सरेआम क्यों लड़खड़ाता है ज़ाहिद
कहीं मुफ़्त मय क्या पिलाई गई है ?
मुझे भी सुनाओ 'जेहद' बात रंगीं
बता कैसे मस्ती मनाई गई है ??
करन सराय, सासाराम, बिहार
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