तेरे वादे पे ऐतबार किया..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
तेरे वादे पे ऐतबार किया
और कुछ भी न तूने यार किया
सब तो वैसा है जैसा था पहले
कम कहाँ तूने ख़ल्फ़िशार किया
तुम हमें प्यार भी नहीं देते
हमने तो तुमपे सब निसार किया
हम तो तन्हा थे चैन से लेकिन
तेरी उल्फ़त ने बेक़रार किया
वस्ल ने तेरी आँखों की मय दी
हिज्र ने तेरे बादा-ख़्वार किया
मैं तो ज़र्रा हूँ जानते हो 'जेहद'
फिर सितारों में क्यों शुमार किया
करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया
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