आने वाले का दौर आना है..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
आने वाले का दौर आना है
जाने वाले का दौर जाना है
पाने वाले को और पाना है
लुटने वाले को लुटते जाना है
गीत ख़ुशियों का तो सुनाना है
गीत ग़म के भी गाते जाना है
जिसने माना है मुझको दिल से बहुत
मेरे दिल ने भी उसको माना है !!
कैसे हैं अम्न के ये मतवाले
काम इनका तो बस लड़ाना है
काफ़ी कुछ तो डुबा चुके हो मियाँ
और क्या-क्या अभी डुबाना है ?
मौत ही मौत है जिधर देखो
ये बहुत ही बुरा ज़माना है !
मूरतें वो बनाता फिरता है
वो है राजा या फिर दिवाना है
समझो कितने बड़े हो बन सकते
बेहया ख़ुद को बस बनाना है !!
जाने वाले को किसने रोका है
हो गया वक़्त फिर तो जाना है
दिल में ख़ुशियाँ नहीं किसी के भी
कहाँ आया भला ज़माना है ?
ग़म के मारों पे ज़ुल्म ढाते हो
ऐसी भी सख़्ती क्या दिखाना है
शायरी है हमारी ठीक 'जेहद'
पर इसे और भी सजाना है !!
करन सराय, सासाराम, बिहार
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