कौन तेरी बेवफ़ाई से हुआ घायल नहीं..

      #ताज़ा_ग़ज़ल 💐

कौन तेरी बेवफ़ाई से हुआ घायल नहीं
तू बता इस क़त्ल-गह में कौन है बिसमिल नहीं

जा छुपी जैसे तुम्हारे साथ मेरी हर ख़ुशी
तू नहीं तो ज़िंदगी भी ये रही झिलमिल नहीं

पुर-कशिश हो, पुर-जवाँ, ऐ जान-ए-मन तुम इस क़दर
आएगा फिर कैसे जानम तुमपे किसका दिल नहीं ?

हमने माना आपका मिलना बहुत दुश्वार है
मौत के मिलने कि तो तदबीर कुछ मुश्किल नहीं

बे-दिल-ओ-बेजान, बेदम, बेवतन, बेघर हुए
तेरी उलफ़त में सनम क्या-क्या हुआ हासिल नहीं

गोरे-काले, लम्बे-नाटे, अंधे-बहरे, नेक-बद
कौन तेरी चाहतों में है सनम शामिल नहीं

बे-मरव्वत, बेवफ़ा, बेदर्द से हो तुम 'जहद'
फिर भी तुम पर ना मरे ऐसा तो कोई दिल नहीं
            जावेेद जहद
करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार


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