आप दिल अपना मुझको बना लीजिए..

      ताज़ा ग़ज़ल 💐

आप दिल अपना मुझको बना लीजिए
अपने सीने में मुझको  छुपा  लीजिए ।

आपके प्यार का मैं ही तो ख़्वाब हूँ
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिए

आप हँस दें तो फ़स्ल-ए-बहाराँ हँसे
ज़ेर-ए-लब ही सही मुस्कुरा लीजिए

मेरे अश्आर हैं आप ही के लिए
इनको अपने लबों पे सजा लीजिए

कुछ हसीनों की है मुझपे क़ातिल नज़र
अपनी पलकों में मुझको छुपा लीजिए

मुझको दे दीजिए अपने रंज-ओ-अलम
और चैन-ओ-सुकूँ सब मिरा लीजिए ।।

मिलना चाहें जो मुझसे कभी आप तो
मेरी ग़ज़लों से मेरा पता लीजिए ।।

दिल हमारा दुखाने से क्या फ़ायदा
हम ग़रीबों के दिल की दुआ लीजिए

अब तो आज़ाद पंछी हैं हम देश के
बेजा सब बंदिशों को हटा लीजिए ।

ये ग़ज़ल मेरी क्या देगी तुमको 'जहद'
आप पढ़के इसे बस मज़ा लीजिए ।।

      ~जावेद जहद

Comments

Popular posts from this blog

जब बुरे दिन उमड़ने लगते हैं..

न पूछो ग़ज़ल से मुझे क्या मिला है..

जावेद जहद की पाँच ग़ज़लें..