तेरा चेहरा गुलाब लगता है..

    ताज़ा गुलाब 💐

तेरा चेहरा गुलाब लगता है
बड़ा ही लाजवाब लगता है

तेरा चेहरा बहुत ही प्यारा है
शायरी की किताब लगता है

ये मचलना, मटकना, लहराना
तेरा पहला शबाब लगता है !!

तेरी आँखों से एक लम्हा भी
दूर रहना ख़राब लगता है !!

तुम मिरे पास जब भी होते हो
हर तरफ़ ख़्वाब-ख़्वाब लगता है

तेरे आने से मेरे जीवन में
आगया इंक़लाब लगता है

जिसको जाना है चाँद पर जाए
है मिरा माहताब लगता है !!

जिसको दुनिया शबाब कहती है
वो मुझे तो सराब लगता है !!

इस वफ़ा-प्यार की भी दुनिया में
कुछ भला, कुछ ख़राब लगता है

जब कभी तुम मुझे नहीं मिलते
होने फिर इज़्तिराब लगता है !!

किसी अच्छे करम का जैसे 'जहद'
तेरा मिलना सवाब लगता है !!

       ~जावेद जहद

Comments

Popular posts from this blog

जब बुरे दिन उमड़ने लगते हैं..

न पूछो ग़ज़ल से मुझे क्या मिला है..

जावेद जहद की पाँच ग़ज़लें..