जो ख़्वाब आँखों में आकर हँसाया करते हैं..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
जो ख़्वाब आँखों में आकर हँसाया करते हैं
कभी-कभी वही बेहद रुलाया करते हैं !!
है जिनपे फ़र्ज़ हमें हर तरह से ख़ुश रखना
तरह-तरह से वही क्यूँ सताया करते हैं ?
जो रूठ जाएं उन्हें छोड़ो मत कभी यूँँ ही
ख़फ़ा जो रहते है उनको मनाया करते हैं
उठा दो ऐसी शपथ जिसका एहतिराम नहीं
रखो वही जिसे सारे निभाया करते हैं !!
हम उनकी क़द्र करें कैसे दोस्तो बोलो
जो अपना भार-वज़न ख़ुद गिराया करते हैं
ये ज़ात-पात, फ़सादात, छल को मौत आए
उन्हें भी आग लगे जो सिखाया करते हैं !!
जो जानते नहीं, वो क्या दिखाएं बेचारे
जो जानते हैं, हुनर वो दिखाया करते हैं
ये बार-बार 'जेहद' मौक़ा उनको क्या देना
निकम्मे हों जो उन्हें तो हटाया करते हैं !!
~जावेद जहद
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