शराब पीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
शराब पीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
नशे में जीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
ज़माने भर की ये चोट खाके, जहाँ के ग़म को गले लगा के
ये ऐसे जीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
दो-चार दिन की ये ज़िंदगी में, दो-चार ख़ुशियों की चाहतों में
यूँ मरते-जीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
न दुनिया से है तुम्हें मोहब्बत, न करते हो तुम किसी की ख़िदमत
यहाँ पे जीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
तुम्हीं तो हो वर्तमान यारो, भविष्य भी हो तुम्हीं तो बंधू
समय भी बीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
किसी से रिश्ता बना लिया तो, 'जेहद' उसी से जुड़े हो रहते
यूँ सख़्त फ़ीते हो किस लिए तुम, किसी ने पूछा तो क्या कहोगे
~जावेद जहद
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