तुम्हें प्यार करने को जी चाहता है..

      ताज़ा ग़ज़ल 💐

तुम्हें प्यार करने को जी चाहता है
मोहब्बत से भरने को जी चाहता है

समा कर तुम्हारी इन आँखों में प्यारी
कि दिल में उतरने को जी चाहता है !

तुम्हारी ये दिलकश अदा पर तो जानम
हर इक पल ही मरने को जी चाहता है

बना कर तुम्हें अपने दिल की तमन्ना
कि बांहों में भरने को जी चाहता है

तुम्हारी घटाओं सी ज़ुल्फ़ों को छूकर
हवा सा गुज़रने को जी चाहता है !!

समा कर तुम्हारी ये नाज़ुक रगों में
लहू सा उभरने को जी चाहता है !

सफ़र अपना सारा सनम छोड़ कर अब
तिरे दर ठहरने को जी चाहता है !!

तुम्हारे 'जेहद' तो हर इक दर्द के ही
भँवर में उतरने को जी चाहता है !!

      ~जावेद जेहद

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