ख़बर आई है इक ऐसी बहुत बेकार होली में..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
बहरे हज़ज मुसम्मन सालिम
मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन
1222 1222 1222 1222
ख़बर आई है इक ऐसी बहुत बेकार होली में
जिसे सुन हो गया सारा जहाँ बीमार होली में
लहर ये दूसरी तो पहले से भी ज़्यादा घातक है
ज़रा तुम बचके रहना दोस्तो इस बार होली में
हुई बेरंग ये दुनिया, लगेगा क्या परब अच्छा
कि चाहे लाख करलो रंगों की बौछार होली में
यहाँ सब मर रहे हैं फ़िक्र से दिन-रात घुट घुट के
वहाँ वो कर रहे बस अपना ही प्रचार होली में
था पहले ही से सन्नाटा, ये अब तो और गहराया
कभी देखा नहीं इतना बुरा बाज़ार होली में ।।
मनाते हैं इसे अच्छे से सारे ही तो अच्छे लोग
मचाते हैं बड़ा कोहराम पर बदकार होली में
बड़ा दिलकश नज़ारा होता है वो तो मोहब्बत का
लगा के रंग होता है शुरू जो प्यार होली में ।।
'जहद' इस आपदा का कुछ तो हल्का होगा दर्द-ओ-ग़म
कि दारू, भांग, गांजा जम के ले तू मार होली में ।।
~जावेद जहद
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