ये सच है तू ही सनम मुझपे मरने वाला है..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
बहरे मुजतस मुसम्मन मख़बून महज़ूफ़
मुफ़ाइलुन फ़इलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन
1212 1122 1212 22
ये सच है तू ही सनम मुझपे मरने वाला है
मिरी वफ़ा को मगर तूने मार डाला है !!
ये दिल दिवाना तिरे ग़म में कबका मर जाता
बहुत मनाया है इसको, बहुत सँभाला है !!
बड़ी ही तल्ख़ी है मीठा सा कुछ उछालो इधर
हवा में देखो न मैंने भी कुछ उछाला है !!
दिया है यार ने मेरे जो दिल को दाग़-ए-सितम
अजीब रंग है वो, नीला है न काला है !!
कहो तो याद में तेरी गुज़ार दें यूँ ही
मगर यूँ जीने सी भी कुछ न होने वाला है
तू होके दूर भी मुझसे तो पास है मेरे
कि मेरे दिल में तिरी यादों का उजाला है
सभी को भाता है जो ख़ूब अपनी ग़ज़लों में
मोहब्बतों का वही रास्ता निकाला है !!
ये दौर अच्छा बुरा है या चाहे जैसा भी
कि इस अँधेरे में भी फैला कुछ उजाला है
अजीब हाल है दुनिया का कुछ भी होश नहीं
न जाने हश्र 'जहद' कैसा होने वाला है !!
~जावेद जहद
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