प्यार का अब न कोई शेर सुनाया जाता..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
प्यार का अब न कोई शेर सुनाया जाता
इश्क़ का गीत भी दिल से नहीं गाया जाता
सब ग़लत राहों की जानिब ही चले जाते हैं
नेक राहों को तो हर कोई भुलाया जाता !!
जो ज़माने को सही रास्ता दिखलाता चले
अब तो ऐसा कोई साया भी न पाया जाता
पहले दुख-दर्द में सब दौड़े चले आते थे
अब ख़ुशी में भी किसी से नहीं आया जाता
होता मंज़ूर जिसे ख़ुद वो खिंचा आता है
राह-ए-हक़ पे कोई जबरन तो न लाया जाता
राष्ट्र भाषा की अगर सच में हमें फ़िक्र है तो
क्यों न घर-घर इसे अनिवार्य कराया जाता ?
क्या ज़माने में सुकूँ, चैन-ओ-मुसर्रत थी कभी
काश फिर इसको उसी हुस्न पे लाया जाता !!
करता महसूस तो वो सीख भी ये जाता 'जेहद'
प्यार पत्थर को भला कैसे सिखाया जाता ?
~जावेद जेहद
Comments