अगर जान जाता कि क्या है ख़ुदाई..

        ताज़ा ग़ज़ल 💐

अगर जान जाता कि क्या है ख़ुदाई
तो करता  सभी की  सही रहनुमाई

ख़ुदा ने  हसीं गर  है दुनिया बनाई
तो हमने भी इसको बहुत है सजाई

अजब हैं  वो ऊँची  क़दर वाले यारो
जो करते हैं अपनी ही ख़ुद जगहँसाई

अचानक ही क्यों भूल जाते हैं सारे
वो एहसान सारा,  वो सारी वफ़ाई

ख़ुदा वाले बनते तो क्या अच्छा होता
ये क्यों पत्थरों से  वफ़ा आज़माई ?

ये ज़ुल्म-ओ-सितम जग में चलते रहेंगे
मगर अंत में है  ख़ुदाई-ख़ुदाई !!

कभी होश में मैं तो लिखता रहा और
कभी कोई रचना तो बेसुध बनाई !!

ख़ुदा जब क़यामत को नाज़िल करेगा
हाँ तब न चलेगी किसी की ख़ुदाई !!

करें और कितनी वफ़ादारी तुमसे
सदा ही तो हमने वफ़ा है निभाई

ज़माना बुरा है ज़रा बचके रहिए
कि सबकी 'जेहद' है इसी में भलाई
                ~जावेेद जेेेहद
      करन सराय, सासाराम, बिहार



     

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