मैं ग़ज़ल गाऊँ सनम और ग़ज़ल तुम सुन्ना..

      ताज़ा ग़ज़ल 💐

मैं ग़ज़ल गाऊँ सनम और ग़ज़ल तुम सुनना
तारिफ़ें अपनी हसीं ख़ूब मचल तुम सुनना

ग़ौर से सुनना सनम प्यार भरी बातों को
देख के मेरी तरफ़, रुख़ न बदल तुम सुनना

गीत जब गाते हुए गुज़रूँ मैं घर से तेरे
तो मिरी जान-ए-ग़ज़ल, छत पे निकल तुम सुनना

इस क़दर तुम मिरी बातों में कभी खो जाना
मैं अगर बोलूँ महल, उसको कँवल तुम सुनना

गर कठिन तुम को लगे रचना किसी शायर की
तो मिरे गीत सहज और सरल तुम सुनना !!

मैं कोई बात भी बोलूँ तो वज़न होता है
इसलिए बात मिरी जान सँभल तुम सुनना

मेरी ग़ज़लों में कभी कुछ तो ख़याली होंगी
और कभी बात मिरी उसमें असल तुम सुनना

क्यों ये नाकाम ग़ज़ल हर घड़ी सुनते हो तुम
अब 'जहद' लो ये ग़ज़ल मेरी सफ़ल तुम सुनना

      ~ जावेद जहद

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