मिरा हँसना, मिरा चलना, मिरा अंदाज़ तो देखो..
ताज़ा ग़ज़ल 💐
मिरा हँसना, मिरा चलना, मिरा अंदाज़ तो देखो
मिरी शोख़ी, मिरा नख़रा, मिरा ये नाज़ तो देखो
अलग कथनी, अलग करनी, अलग अफ़्आल और आमाल
मिरे अंदर, मिरे बाहर अजब है राज़ तो देखो !!
अभी सीखा है उड़ना और छूता हूँ बुलंदी को
कहाँ अश्आर मेरे और कहाँ परवाज़ तो देखो
इधर अपने कबूतर की क़लाबाज़ी में तुम गुम हो
चला आता है वो कैसे उधर से बाज़ तो देखो !!
मिरे दुश्मन भी मुझको तो नज़र आते बड़े प्यारे
कि मेरे देखने का ये मिरा अंदाज़ तो देखो !!
मधुरता अब है गीतों में न सरगम में कोई जादू
गरजते साज़ पे बस चीख़ती आवाज़ तो देखो
किसी की भी नहीं सुनते, ये करते रहते मनमानी
हुकूमत के अनोखे ये नए रंगबाज़ तो देखो !!
वो लेके प्यार क्या आए 'जहद' मेरी पनाहों में
मुझे भी आगया लो ख़ुद पे करना नाज़ तो देखो
#जावेद_जहद
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