बड़ी प्यारी-प्यारी सदा आ रही है..

      ताज़ा ग़ज़ल 💐

बड़ी प्यारी-प्यारी सदा आ रही है
ग़ज़ल मेरी शायद पढ़ी जा रही है

बहुत दुनिया भर की नज़र पा रही है
लो मेरी भी रचना असर ला रही है !

बहारों का मौसम नज़र आ रहा है
पयाम-ए-मोहब्बत फ़ज़ा ला रही है

पता क्या है नफ़रत के शैदाई तुझको
कि दुनिया मोहब्बत की क्या-क्या रही है

लगाया है दिल को मैं जबसे ग़ज़ल से
ग़ज़ल मेरे दिल को बहुत भा रही है !

कभी मीर-ओ-ग़ालिब से ये जा मिलेगी
अभी फ़िक्र उनका पता पा रही है !!

कला मेरी कितनी थी छोटी मगर अब
वसी से वसी-तर हुई जा रही है !!

वो आया है जबसे नज़र में 'जेहद' गुल
नज़र मेरी रंगीं हुई जा रही है !!

     ~ जावेद जेहद

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