तेरी ख़ुश्बू कली में, फूलों में..
ताज़ा ग़ज़ल
तेरी ख़ुश्बू कली में, फूलों में
तेरी रंगत है चाँद, तारोंं में !!
गुफ़्तगू तेरी सारी ग़ज़लों में
ज़िक्र तेरा है सब फ़सानों में
तेरी मस्ती, ख़ुमार सुब्हों में
तेरा रक़्स-ओ-सुरूर शामों में
ख़ुश नज़ारों में है हँसी तेरी
तेरी शोख़ी खिली बहारों में
बज़्म-ओ-महफ़िल में रौनक़ें तेरी
तेरी हलचल लहर में, धारों में !!
तेरी बोली तो बोले हर पंछी
तेरी झंकार झनके साज़ों में
तेरी पूजा ज़माना करता फिरे
तेरी चाहत तो ख़ास, आमों में
तेरी तारीफ़ क्या करे ये 'जहद'
अंगिनत गुण तिरी अदाओं में !
~ जावेद जहद
Comments