प्यार पहले-पहल के आ जाओ..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
प्यार पहले-पहल के आ जाओ
ऐ मिरे यार कल के आ जाओ
आज मौसम बड़ा सुहाना है
घर से बाहर निकल के आ जाओ
इश्क़ की झील सूनी-सूनी है
ऐ मिरे गुल कँवल के आ जाओ
मैं भी आया हूँ झूमते-गाते
तुम भी थोड़ा मचल के आ जाओ
कुछ न होगा नदी छरहरी है
पार इसके सँभल के आ जाओ
पहले भी तो बदल के आते थे
रास्ता फिर बदल के आ जाओ
लाओ इक जाम चाहतों से भरा
और तुम उसमें ढल के आ जाओ
दौड़ के दूर कुछ चले जाओ
फिर हवा में उछल के आ जाओ
घुट चुका होगा दम महल में 'जहद'
अब तो पीछे महल के आ जाओ !!
~ जावेद जहद
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