दिल में दुख-दर्द का अम्बार लगा है यारो..
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दिल में दुख-दर्द का अम्बार लगा है यारो
कितना प्यारा ये मोहब्बत का सिला है यारो
हँसता-गाता है कोई अब भी मिरे कानों मेंं
वो नहीं है मगर उसकी तो सदा है यारो !!
फिर कोई अपनी तबाही का तमाशा होगा
फिर से दिल में कोई तूफ़ान उठा है यारो !
हमने रोका है बहुत दिल को ग़लत कामों से
तब कहीं जाके ये इंसान बना है यारो !!
झुक नहीं सकता हर इक दर पे कभी सर मेरा
मेरे सजदे में तो बस एक ख़ुदा है यारो !!
अब कोई चाहे ग़लत काम करे या न करे
कितनों को इसका भी ईनाम मिला है यारो
कैसे मेहनत से कोई जान चुराता है 'जहद'
अपना जीवन तो बस इसपर ही टिका है यारो
~ जावेद जहद
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